Friday, June 30, 2017

दक्षिण भारत यात्रा की शुरुआत

दक्षिण भारत यात्रा की शुरुआत



करीब 3 साल पहले तिरुपति जाने का विचार किया था पर तब से वहां जाने का समय नहीं निकाल पाया।समय नहीं निकल पाने का कारण भी कम रोचक नहीं है। जब भी तिरुपति जाने की बात घर में करता तो पत्नी साथ साथ रामेश्वरम भी निपटा लेने की बात कहती। उसके बाद मैं भी कुछ और जोड़ देता कि जब तिरुपति और रामेश्वरम निपटा ही देना है तो मदुरै का मीनाक्षी मंदिर और कन्याकुमारी को क्यों छोड़ें, लगे हाथ यहाँ भी हो लें और इसी चक्कर में योजना बन ही नहीं पा रही थी। गर्मियों में उधर पड़ने वाली भयंकर गर्मी के कारण उधर जाने का सोच भी नहीं सकता था और सर्दियों में इतनी लम्बी छुट्टी मिल पाना भी मुमकिन नहीं था। इसी बीच केदार-बदरी यात्रा भी कर ली पर तिरुपति जाने का समय निकल नहीं पाया।


आखिर वो समय आ गया जब मैंने तिरुपति जाने का निश्चित कर लिया। बहुत सोच-विचार कर इस बार की गर्मियों में ही दक्षिण की योजना बना ली। आख़िरकार जून में तिरुपति जाने का तय हुआ। तिरुपति के बाद रामेश्वरम और उसके बाद कन्याकुमारी जाना तय हुआ। जैसा कि इंडियन रेलवे का सिद्धांत है कि चार महीने पहले टिकट बुक कराओ नहीं तो घर पर आराम करो। मैंने फरवरी में ही टिकट बुक किया। इतनी लम्बी यात्रा में पहली समस्या ट्रेनों की आती है। बहुत मनन-अध्ययन करने के बाद कहां किस दिन जाना है कौन सी ट्रेन लेनी है इस पर फैसला हो सका। जैसे ही जानने वालों और मित्रों को ये पता लगा कि हम गर्मियों में दक्षिण की तरफ जा रहे हैं तो सब ने अपने अपने ढंग से डराना आरम्भ कर दिया। कोई वहां पड़ने वाली गर्मी का डर दिखाते तो कोई वहां आने वाली भाषा का संकट का। डराने वाले अपनी बात कहते और मैं उनकी सुन लेता पैर करना तो मुझे वही था जो मेरे मन में था। मैंने भी सोच लिया था कि यदि भाषा की समस्या के कारण नहीं जाता हूँ तो फिर जब भी जाऊंगा ये समस्या जस की तस बनी रहेगी और रही बात वहां उधर पड़ने वाली गर्मी की तो दिल्ली में ही जून के महीने में कौन सी कम गर्मी पड़ती है। वैसे इस यात्रा में वहां पड़ने वाली गर्मी का डर मुझे था लेकिन गर्मी कहीं मिली ही नहीं, हर जगह बरसात ने स्वागत किया। मेरी यात्रा की जो योजना थी वो इस प्रकार थी :



DATE
PLACE
BY
7 June 2017
Delhi to Chennai Central
12622: Tamilnadu Express
9 June 2017
Chennai to Tirupati and Thirumala
16053: Tirupati Express
9 June 2017
Tirupati to Thirumala
Bus and Night stay
10 June 2017
Vekteshwar Mandir Darshan

10 June 2017
Thirumala to Tiupati
Bus and Night Stay
11 June 2017
Tirupati to Chennai Central
16054: Tiupati Express
11 June 2017
Chennai Egmore to Rameshwaram
22621: Rameshwaram Express
12 June 2017
Rameshwaram Darsham

12 June 2017
Rameshwaram to Kanyakumari
22621: RMM-CAPE Express
13 June 2017
Kanyakumari Darshan

13 June 2017
Kanyakumari to Trivendram
Train/Bus and Night Stay
14 June 2017
Padamnabh Swamy Temple

14 June 2017
Trivendram to Delhi
22633: Nizamuddin Express
16 June
Reach Delhi and End of Tour




पहले इस इस यात्रा में जाने की योजना 6 लोगों की थी जिनमें मैं, कंचन (मेरी पत्नी), आदित्या (मेरा बेटा), माँ-पिताजी और कंचन के छोटे भाई चंद्रशेखर थे जो फ़िलहाल दिल्ली मेट्रो में स्टेशन कंट्रोलर के पद पर कार्यरत हैं। इन 6 लोगों का टिकट मैंने फरवरी में ही बुक कर लिया पर बाद में चंद्रशेखर जी को कुछ एक शादी में जाना पड़ा जिस कारण से वो इस यात्रा में हमसफ़र नहीं बन सके। माँ-पिताजी का टिकट पटना से दिल्ली का ले लिया और साथ ही तिरुपति और तिरुमला में रहने के लिए तिरुपति-तिरुमला देवसंस्थानम (TTD) द्वारा संचालित कमरे की बुकिंग कर ली। इन दोनों जगहों पर TTD द्वारा संचालित कमरों में बहुत ही मामूली कीमत पर रहने के व्यवस्था है पर तभी जब आप इसकी ऑनलाइन बुकिंग करवा रखे हैं तो नहीं तो तिरुपति में तो प्राइवेट होटल मिल जाते है पर तिरुमला में इसके अलावा रहने की और कोई व्यवस्था नहीं है। इन कमरों की बुकिंग आप TTD के वेबसाइट (https://ttdsevaonline.com) पर  कर सकते हैं।

पूरे यात्रा की प्लानिंग करने और सभी टिकट एवं कमरों की बुकिंग करने के बाद मैंने कंचन को पूरी योजना के बारे में बताया। इस बीच  निष्कर्ष ये निकला कि त्रिवेंद्रम में अपने पास पूरी रात और आधा दिन है तो आधे दिन में किसी मंदिर के दर्शन करने की योजना बनी और गूगल पर सर्च करने पर पदमनाभ स्वामी मंदिर की योजना बनी और बाद में मेरे एक मित्र नरेंद्र शेलोकर के सहयोग के कारण तिरुपति में पद्मावती मंदिर और त्रिवेंद्रम में कोवलम बीच तथा गणपति मंदिर भी जुड़ गया। 


इस बीच मैं घुमक्कड़ों के एक Whatspps ग्रुप (परिवार) "घुम्मकड़ी दिल से" से जुड़ा। "घुम्मकड़ी दिल से" से एक फेसबुक ग्रुप भी है जिससे मैं पहले ही जुड़ चुका था। "घुम्मकड़ी दिल से" Whatsapp से जुड़ने की प्रेरणा मुझे आर डी प्रजापति से मिली और ग्रुप में जोड़ने काम रितेश गुप्ता और मुकेश पाण्डेय चन्दन ने किया। इस ग्रुप के कुछ सदस्यों ने और विशेषकर नरेंद्र शेलोकरकिशन बाहेती और संजय कौशिक ने इस यात्रा के दौरान हर कदम और हर पल कभी फ़ोन और कभी मैसेज के माध्यम से मेरा मार्गदर्शन किया, नहीं तो मेरी ये यात्रा इतनी आसान नहीं हो पाती खासकर वैसे प्रदेश में जहाँ सबसे बड़ी समस्या भाषा की हो। इनके अलावा ग्रुप के सभी सदस्यों ने मिलकर पूरे यात्रा के दौरान मेरा हौसला बढ़ाने का जो काम किया वो भी कम नहीं था। ग्रुप के दो और सदस्यों प्रतीक गाँधी और दर्शन कौर धनोय (बुआ जी) ने जो किया उसका बयान मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता और आगे आने वाले पोस्ट में मैं इस बात का विस्तार से जिक्र करूंगा। 

सारी योजना बनाने के बाद हम यात्रा की तिथि का इंतज़ार करने लगे और इस बीच नरेंद्र शेलोकर जी हर दिन की योजना के बारे में मुझसे कुछ न कुछ पूछते और अपने अनुभव के अनुसार मुझे हर दिन के लिए विस्तृत जानकारी देते रहे जो यात्रा समाप्त होने तक चलती रही।



ये तो हो गयी यात्रा से पहले की बात। पूरे यात्रा का विवरण हम अपने आगे आने वाले पोस्ट में देंगे जो जल्दी ही खंडवार रूप में आपके समक्ष प्रस्तुत करूँगा, बस बने रहिये मेरे साथ। इस यात्रा की अगली कड़ी लेकर हम जल्दी ही आपके समक्ष आएंगे। तब तक इस पूरी यात्रा के कुछ फोटो देखिये। 

धन्यवाद। 


इस यात्रा के अन्य भाग भी अवश्य पढ़ें  




आइये अब इस यात्रा के कुछ फोटो देखते हैं :


तिरुमला के मुख्य चौराहे के पास 

भोपाल और इटारसी के बीच कहीं भी 

इटारसी और नागपुर के बीच कहीं भी 

इटारसी और नागपुर के बीच कहीं भी 

इटारसी और नागपुर के बीच कहीं भी (तमिलनाडु एक्सप्रेस का  दृश्य )

बल्हारशाह और वारंगल के बीच कहीं भी सूर्यास्त 

चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पर आदित्या 

मरीना बीच, चेन्नई 

चेनई और तिरुपति के बीच 

चेनई और तिरुपति के बीच एक पहाड़ 

तिरुमला में 

तिरुमला में एक 100 साल से भी ज्यादा पुराना बरगद (तेलुगु में बरगद को मर्रीचटटु कहते हैं) का पेड़ 

पेड़ की छाया में विश्राम करते श्रद्धालु 

तिरुमला और  तिरुपति के बीच घुमावदार पहाड़ी सड़कें 

तिरुमला पर्वत से तिरुपति शहर का विहंगम दृश्य 

अग्नितीर्थम, रामेश्वरम में समुद्र में स्नान करते श्रद्धालु 

धनुष्कोडी बीच, रामेश्वरम 

धनुष्कोडी बीच (रामेश्वरम) पर कुछ दुकानें 

विभीषण मंदिर (रामेश्वरम) के पास समंदर में बहता सूखा पेड़ 

रामेश्वरम के एक मंदिर में 

कन्याकुमारी में सूर्योदय 

कन्याकुमारी में सनराइज व्यू पॉइंट पर 

कन्याकुमारी में सनराइज व्यू पॉइंट पर 

विवेकांनद आश्रम (कन्याकुमारी) में मोर 

भागीरथी अम्मन मंदिर (कन्याकुमारी) के पास से महासागर का दृश्य  

विवेकानंद रॉक मेमोरियल (कन्याकुमारी) से सागर का विहंगम दृश्य 

संगम (कन्याकुमारी) 

कन्याकुमारी से त्रिवेंद्रम के रास्ते में कहीं भी 

पदमनाभ स्वामी मंदिर (त्रिवेंद्रम)

कोवलम बीच (त्रिवेंद्रम)

त्रिवेंद्रम के सड़कें 

त्रिवेंद्रम से कोल्लम के बीच कहीं भी 

रत्नागिरी के पास सूर्यास्त 

कोकण रेलवे में सुरंग से गुजरती ट्रेन 


 

इस यात्रा के अन्य भाग भी अवश्य पढ़ें  



32 comments:

  1. रोचक और रचनात्मक

    ReplyDelete
  2. Replies
    1. सुमधुर धन्यवाद। जब आप जैसे लोगो की ब्लॉग पर टिप्पणी आती है तो दिल में जो ख़ुशी का गुबार उठता है वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता।

      Delete
    2. लेख से ज्यादा तस्वीरें बोल रहीं हैं।

      Delete
    3. सादर धन्यवाद निलोफर जी, ब्लॉग पर आते रहिएगा

      Delete
  3. Replies
    1. सादर धन्यवाद श्याम सुन्दर जी, ब्लॉग पर आते रहिएगा

      Delete
  4. बहुत बढ़िया । कुछ इसी उधेड़बुन में मेरी भी तिरुपति बालाजी की तीर्थयात्रा अटकी पड़ी है । देखिए कब पूरी होती है

    ReplyDelete
    Replies
    1. पहले तो सुमधुर धन्यवाद। आपकी तिरुपति यात्रा भी जल्द पूरी होगी

      Delete
  5. पूरी यात्रा एक साथ करा दी। आगे की पोस्ट का इंतजार रहेगा।

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद सचिन भाई। अगला भाग जल्दी ही आपके सामने होगा, बस तैयारी चल रही हैं।

      Delete
  6. खूबसूरत तसवीरें और ज्ञानवर्धक लेख। ttd के माध्यम से कमरा बुक करवाने वाली टिप कई लोगों का मार्गदर्शन करेगी। वैसे आपने सही कहा अगर ट्रिप का प्लान करो तो कई लोग डराने लगते हैं लेकिन अगर हम अपने निर्णय पे कायम रहे और ट्रिप पर जाएँ तो पाएंगे की ९९ प्रतिशत उनका डर आकारण ही होता है।
    आने वाली पोस्ट का इन्तजार है।

    ReplyDelete
  7. धन्यवाद विकास जी। अगर लोगों की बात से डर जाते तो इस बार भी नहीं जा पाते। यात्रा में गर्मी तो कहीं नहीं मिली , थोड़ी भाषा की समस्या हुई जो स्वाभाविक प्रक्रिया थी। अगला भाग जल्द ही आपके समक्ष होगा। बस संवाद बनाये रखिये

    ReplyDelete
  8. भाई साहब हमने कुछ नहीं किया है...यह सब परिवार के लिए है....वाकई बहुत अछि शुरुआत है...आगे की पोस्ट का इंतज़ार रहेगा

    ReplyDelete
    Replies
    1. ये आपका बड्डपन है, जो आप कह रहे हैं कि कुछ नहीं किये, और हमने जो लिखा वो मेरी भावनाएं है, अगला भाग जल्द ही आपके समक्ष होगा। ...

      Delete
  9. घुमक्कड़ी दिल से..मिलेंगे फिर से

    ReplyDelete
    Replies
    1. घुमक्कड़ी दिल से..मिलेंगे फिर से

      Delete
  10. हिन्दी ब्लॉगिंग की गति बनाये रखने हेतु आपका प्रयास सराहनीय है -शुभकामनाएं

    ReplyDelete
    Replies
    1. अहो भाग्य हमारे, जो आप हमारे घर पधारे।
      सादर अभिनंदन आपका जो आप आप मेरे ब्लॉग पर आये चाहे कुछ पल के लिए सही , पर आपका ये आना हमारे लिए सपने के सच होने जैसा है।

      Delete
  11. बढ़िया शुरुआत रही...अगले भाग की प्रतीक्षा रहेगी । अब gds से जुड़ गए है । तो यही कहूंगा
    जहां जाइयेगा हमे पाइयेगा :-)

    ReplyDelete
    Replies
    1. अगला भाग जल्दी ही आपके सामने......
      सबका प्यार और सबका साथ रहा तो शुरुआत के साथ साथ पूरा सफर अच्छा रहेगा
      ये भी सत्य है कि जहां जायेंगे GDS का साथ बना रहेगा।

      Delete
  12. बढ़िया शुरुआत रही...अगले भाग की प्रतीक्षा रहेगी । अब gds से जुड़ गए है । तो यही कहूंगा
    जहां जाइयेगा हमे पाइयेगा :-)

    ReplyDelete
    Replies
    1. अगला भाग जल्दी ही आपके सामने......
      सबका प्यार और सबका साथ रहा तो शुरुआत के साथ साथ पूरा सफर अच्छा रहेगा
      ये भी सत्य है कि जहां जायेंगे GDS का साथ बना रहेगा।

      Delete

  13. हिन्दी ब्लॉगिंग में आपका लेखन अपने चिन्ह छोड़ने में कामयाब है , आप लिख रहे हैं क्योंकि आपके पास भावनाएं और मजबूत अभिव्यक्ति है , इस आत्म अभिव्यक्ति से जो संतुष्टि मिलेगी वह सैकड़ों तालियों से अधिक होगी !
    मानते हैं न ?
    मंगलकामनाएं आपको !
    #हिन्दी_ब्लॉगिंग

    ReplyDelete
    Replies
    1. सादर धन्यवाद सतीश जी , सत्य है कि बिना भावनाओं और अभिव्यक्तियों के कुछ नहीं हो सकता, चाहे वो भावनाएं और अभिव्यक्तियां साधारण ही सही, और जो संतुष्टि मिलती है वो सैकड़ों नहीं हज़ारों तालियों से ज्यादा होती है ,
      शुभकामनाओं सहित

      Delete
  14. इंतजार रहेगा आगे की पोस्ट का। रोचकता चरम पर है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद जी , अगला पोस्ट भी जल्द ही आपके सामने होगा।

      Delete
  15. सुंदर चित्रों के साथ अच्छी शुरुआत भाई जी । योजना आपने अच्छी बनाई जो लोगो की सहायता करेगी ।

    घुमक्कड़ी दिल से जुड़ गए है तो दिल से जुड़े भी रहेंगे ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपका बहुत बहुत अभिनंदन है भाई जी जो अपने अपना कीमती समय देकर मेरे पोस्ट को पढ़ा। घुमक्कड़ी दिल से

      Delete
  16. बढ़िया शुरुआत सिन्हा जी...

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपका बहुत बहुत अभिनंदन भाई जी

      Delete